लखनऊ :(मानवीय सोच) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने रूमीगेट की दशकों पुरानी मुख्य दरारों को भरने का काम पूरा कर लिया है, जिसके बाद इसे मोहर्रम के जुलूस के लिए खोला जाएगा। रूमीगेट में आई दरारों की वजह से इसके लिए खतरा पैदा हो गया था। इसके अलंकरण भी टूट कर गिरने लगे थे, जिसके बाद गेट के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था।
अधीक्षक पुरातत्वविद आफताब हुसैन ने बताया कि लगभग तीन से चार माह में रूमीगेट की मुख्य दरारें भर दी गई हैं। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए ही जीर्णोद्धार का फैसला लिया गया था। सात महीने पहले इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। अधीक्षक ने बताया कि जीर्णोद्धार से पहले ही हर छोटी-बड़ी दरार को देखा और उसका जिक्र भी किया गया था ताकि मरम्मत का काम ठीक तरीके से हो सके।
मोहर्रम के जुलूस को देखते हुए शासन के आदेश पर मार्ग खोला जा रहा है, लेकिन मुख्य द्वार को छोड़ कर बाकी का कार्य चालू रहेगा। बाकी के अलंकरण का कार्य आगामी चार से पांच महीने में पूरा होने की उम्मीद है। अभी लगभग 50 फीसदी काम पूरा हुआ है।
