कश्मीरी पंडित राहुल भट की पत्नी का छलका दर्द : कोई साजिश जरूर होगी, किसी ने बचाया नहीं

मध्य कश्मीर (मानवीय सोच)   बडगाम जिले में आतंकवादियों द्वारा तहसीलदार कार्यालय के अंदर कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या से घाटी में एक बार फिर उबाल है। राहुल भट की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकियों ने किसी से उनके बारे में पूछा होगा, नहीं उन्हें कैसे पता चलता? राहुल भट की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उनकी हत्या के पीछे बड़ी साजिश है।

न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने राहुल भट की हत्या करने से पहले उनके ऑफिस के कुछ लोगों से जानकारी ली। राहुल भट की पत्नी के अनुसार, राहुल भट अक्सर कहते थे कि हर कोई उनके साथ अच्छा व्यवहार करता है और कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। फिर भी किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने (आतंकवादियों ने) किसी से उसके बारे में पूछा होगा, नहीं तो उन्हें कैसे पता चलता कि राहुल भट कौन है?” राहुल भट की हत्या की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है, जो जैश-ए-मोहम्मद का ही एक हिस्सा माना जाता है। बता दें कि भट को 2010-11 में प्रवासियों के लिए विशेष रोजगार पैकेज के तहत क्लर्क की नौकरी मिली थी।

गौरतलब है कि 12 मई को कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या के बाद से घाटी में लोग गुस्से में हैं। कश्मीरी पंडितों ने गुरुवार को पहले जम्मू श्रीनगर हाईवे जाम किया फिर शुक्रवार को एलजी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों की प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प भी हुई। पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

इससे पहले दिन में राहुल भट का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा और परिवार समेत सैकड़ों कश्मीरी पंडितों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। राहुल भट के परिवार सहित समुदाय के सदस्यों ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतेजाम नहीं करने का आरोप लगाया है।

उच्चस्तरीय जांच होः राहुल भट के पिता
राहुल भट के पिता बिट्टा जी भट एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं, ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की कि कैसे हत्यारे एक सरकारी कार्यालय में घुस गए और अपराध को अंजाम दिया। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे के हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।” आरोप लगाया कि आपने (भाजपा) युवा कश्मीरी पंडितों को नौकरी देने और उनके पुनर्वास के नाम पर मार डालने की योजना बनाई है।

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