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कानपुर में एक पत्रकार ने फांसी लगाकर की आत्महत्या : क्राइम ब्रांच के बार-बार बुलाने से था परेशान

कानपुर में एक पत्रकार ने सोमवार सुबह सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के परिजनों ने क्राइम ब्रांच के बार-बार बुलाने पर जाने देने का आरोप लगाया। मृतक की जेल में बंद कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के साथ एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। परिजनों का आरोप है कि तबसे से क्राइम ब्रांच पूछताछ के लिए बार-बार बुला रही थी। डीसीपी वेस्ट राजेश कुमार सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। उधर, समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर भाजपा सरकार को घेरा है।

रावतपुर थानाक्षेत्र का रहने पाला महेंद्र कुमार पत्रकार था। बीते दिनों उसकी कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के साथ एक फोटो वायरल हुई थी। जिसमें कई पत्रकार हाथ में बंदूक लिए नजर आ रहे थे। फोटो वायरल होते ही क्राइम ब्रांच की टीमें सभी को बुलाकर पूछताछ कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि पत्रकार महेंद्र को क्राइम ब्रांच ने दो बार पूछताछ के लिए बुलाया और फिर छोड़ दिया। रविवार को एक बार फिर क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए अकेले बुलाया। देर शाम जब महेंद्र घर पहुंचा, तब वह बहुत डरा हुआ था। आरोप है कि सोमवार सुबह उसने फांसी लगाकर जान दे दी। बीते दिनों उसने कीटनाशक पीकर भी आत्महत्या करने का प्रयास किया था। परिजनों ने पूरे मामले में जांच की मांग की है।

सुसाइड नोट में लिखा किसी का कोई दोष नहीं

मैं अपनी मर्जी से ये कदम उठा रहा हूॅं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मैं अपने परिवार से मांगी मांगता हूॅं, जिन्हें मैं परेशानियों में छोड़कर जा रहा हूॅं।

suicide note kanpur

1000 करोड़ से अधिक की जमीन कब्जाने में अवनीश गया था जेल

28 जुलाई को जेल भेजे गए अवनीश दीक्षित मैरी एंड मैरी मैन कंपाउंड की 1000 करोड़ से अधिक की जमीन पर अपने साथियों के साथ कब्जा करने गए थे। जहां उन लोगों ने गार्ड संजय को बंधक बनाया इसके बाद डीवीआर उठा ले गए और अपना ताला डाल दिया था। इस दौरान वादी ने वहां पर इस बात का जमकर विरोध किया और घटना की सूचना मिशनरी के अफसरों को दे दी। जिसके बाद कुछ ही देर में विदेश मंत्रालय से फोन लखनऊ शासन में घनघनाने लगे। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मामले को संज्ञान में लेकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आरोपी अवनीश दीक्षित, जितेश झा, राहुल वर्मा, अली अब्बास, विक्की चार्ल्स, मोहित बाजपेई, नौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अपर्णा एरियल, संदीप शुक्ला, हरेंद्र मसीह के खिसा्फ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की गई। जिसके बाद पुलिस ने क्रिस्टल पार्किंग से अवनीश दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं अन्य आरोपी फरार हो गए थे। जिसके बाद डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने सभी नौ आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम रखा था। जिसके बाद जितेश झा निवासी सिविल लाइंस और अली अब्बास निवासी लोहा मील कंपाउंड लालबंगला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 

सपा ने ट्वीट कर भाजपा को घेरा

आज कानपुर में पत्रकार महेंद्र ने फांसी लगा ली ,आरोप है कानपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच अवनीश प्रकरण में पूछताछ/जांच के नाम पर उसे बहुत ज्यादा प्रताड़ित कर रही थी ,महेंद्र के भांजे ने पुलिस को दी तहरीर में महेंद्र के अवसाद में होने का जिक्र किया है। दरअसल पुलिस खुद इस पूरे प्रकरण में अपराधी है ,योगीराज और पुलिस की पोल खोलने वाले पत्रकारों पर सीएम योगी के निर्देश पर यूपी में अत्याचार और प्रताड़ना दी जा रही है। यूपी पत्रकारों के लिए शमशानघाट बन चुका है जहां लगभग रोजाना एक पत्रकार मौत की नींद सो जाता है या पुलिस प्रशासन और भाजपाई गुंडों के द्वारा सुला दिया जाता है।मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिस पर कार्यवाही एवं मृतक के परिजनों को समुचित मुआवजा दे सरकार।

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