लखनऊ हुई लखनऊ हॉकी लीग के फाइनल में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ की बालिका टीम हार गई। साई सेंटर की लड़कियों ने उन्हें आसानी से हरा दिया। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ की बालिकाओं को अभ्यास में खासी दिक्कतें आ रही है। आज भी छात्रावास की बालिकाएं घसियाले मैदान पर अभ्यास को मजबूर हैं। खेल विभाग के अधिकारियों के पास महिला छात्रावास की हॉकी खिलाड़ियों के कोई योजना नहीं है। हॉकी जगत से जुड़े लोगों के अनुसार सब जूनियर, जूनियर और सीनियर में प्रदेश की टीम के पास पदकों का अभाव है।
केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बालिका छात्रावास की हॉकी खिलाड़ियों ने अब टर्फ पर अभ्यास का सपना देखना भी छोड़ दिया। पिछले 25 वर्षों से यहां छात्रावास होने के बावजूद अब तक टर्फ की व्यवस्था नहीं की जा सकी। घास में अभ्यास के बाद टर्फ में मुकाबले खेलने में इन खिलाड़ियों के पसीने छूटते हैं। ऐसे में उन टीमों के सामने यह बालिकाएं घुटने टेकने को मजबूर हो जाती हैं जिनके खिलाड़ी पहले से ही टर्फ पर अभ्यास करते हैं। हाल ही में इन बालिका खिलाड़ियों के बस खरीदने की योजना तैयार की गई थी, जिससे उन्हें टर्फ पर अभ्यास के लिए भेजा जा सके।
