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कोर्ट ने माफिया मुख्तार के बेटे अब्बास को गिरफ्तार करने का दिया आदेश

लखनऊ (मानवीय सोच)  धोखाधड़ी करके एक शस्त्र लाइसेंस पर कई हथियार खरीदने के आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीष श्रीवास्तव ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने थाना महानगर को आदेश दिया कि आरोपी अब्बास अंसारी को 27 जुलाई तक गिरफ्तार करके कोर्ट को बताएं।
इससे पहले इंस्पेक्टर महानगर ने कोर्ट में रिपोर्ट देकर बताया कि अब्बास के खिलाफ जमानती वारंट जारी है। इसके अनुपालन में आरोपी के सभी ज्ञात व संभावित स्थानों पर टीमें तलाशने गईं, लेकिन आरोपी या उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। लिहाजा नोटिस को चस्पा कर दिया गया है। कोर्ट से गुजारिश की गई कि आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए।

पत्रावली के अनुसार, महानगर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने 12 अक्तूबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि मेट्रो सिटी निवासी अब्बास अंसारी ने 2012 में डीबीडीएल गन का लाइसेंस लिया था। बाद में अब्बास ने अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली के पते पर स्थानांतरित करवा लिया था। कहा गया कि अब्बास ने खुद को विख्यात निशानेबाज दिखाकर दिल्ली वाले शस्त्र लाइसेंस पर कई शस्त्र खरीद लिए। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी ने लखनऊ पुलिस को बिना जानकारी दिए और अनुमति लिए धोखाधड़ी कर लाइसेंस को दिल्ली स्थानांतरित करवाया और उस पर कई हथियार लिए।

माफिया अतीक अहमद के गुर्गे को दी अभियोजन प्रपत्रों की नकल
प्रॉपर्टी डीलर को अगवा करके लखनऊ से देवरिया जेल ले जाने के बाद उसके साथ मारपीट करने के मामले में गिरफ्तार माफिया अतीक अहमद के गुर्गे मो. हमजा को अभियोजन प्रपत्रों की नकल दी गई। सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट स्मृद्धि मिश्रा ने आरोपी की फाइल को सत्र अदालत को सुपुर्द करने के लिए शनिवार की तारीख तय की है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय करते हुए आरोपी को जेल से तलब किया है। पत्रावली के अनुसार, 28 दिसंबर 2018 को कारोबारी मोहित जायसवाल ने कृष्णा नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद ने अपने गुर्गों के जरिये गोमती नगर स्थित ऑफिस से उसका अपहरण करवा लिया। कहा गया कि अतीक अहमद ने जेल में उसके साथ मारपीट की तथा सादे पन्ने पर दस्तखत करने को कहा। इनकार पर अतीक अहमद, उसके बेटे उमर तथा गुरफान, फारुख, गुलाम व इरफान ने मिलकर उसे तमंचे, लोहे की रॉड और पट्टे से पीटा। रिपोर्ट में यह भी आरोप है कि इन सभी लोगों ने जबरन मोहित जायसवाल से स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर बनवा लिए तथा 45 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करा ली। पत्रावली के अनुसार, घटना की विवेचना कृष्णा नगर पुलिस ने की और आरोप पत्र कोर्ट में भेजा था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। बाद में सीबीआई ने 12 जून 2019 को मामले की विवेचना शुरू की थी। बता दें कि मामले में अतीक अहमद एवं अन्य लोगों का मामला सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया जा चुका है। इस मामले में सहयोग करने के आरोप में सीबीआई ने मो. हमजा को गिरफ्तार किया था।

ठगी के दो मामलों में शाइन सिटी के प्रबंध निदेशक की जमानत अर्जी खारिज
आशियाना और प्लॉट का सपना दिखाकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी शाइन सिटी के प्रबंध निदेशक आसिफ नसीम की ओर से दी गई दो अलग-अलग जमानत अर्जियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का इसी प्रकार के 400 से ज्यादा मामलों का आपराधिक इतिहास है। कोर्ट में सरकारी वकील मनीष रावत और कमल अवस्थी का तर्क था कि दोनों मामले गोमतीनगर थाने में दर्ज कराए गए थे। पहले मामले में वादिनी संगीता कुमारी ने बताया था कि 2019 में प्लॉट खरीदने के लिए 10.73 लाख रुपये शाइन सिटी कंपनी के खाते में जमा किए थे। अचानक एक दिन पता चला कि कंपनी भाग गई है। वहीं, दूसरी रिपोर्ट दर्ज कराकर वादिनी सौम्या सिंह ने बताया कि शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड गोमतीनगर लखनऊ के एजेंट वशिष्ठ कुमार दुबे के जरिये शाइन वैली प्रोजेक्ट में 20 दिसंबर 2018 को दो लाख रुपये देकर प्लॉट बुक कराया था। न तो उसे प्लॉट मिला न ही रकम।

जमानत अर्जी खारिज
भोलेभाले लोगों को विदेश भेजकर मोटी कमाई करने का लालच देकर लाखों रुपये हड़पने के आरोपी रणविजय सिंह की जमानत अर्जी को एडीजे सोमप्रभा मिश्रा ने खारिज कर दिया है। कोर्ट में सरकारी वकील ज्वाला प्रसाद शर्मा ने तर्क दिया कि मामले की रिपोर्ट वादी चंद्रशेखर यादव ने अलीगंज में दर्ज कराई थी।

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