नई दिल्ली : (मानवीय सोच) एक तरफ जहां पूरी दुनिया ही कोरोना महामारी से बेफिक्र सी हो गई है. वहीं, अब दोबारा कोविड-19 का खतरा सामने आ रहा है. कोविड फैमिली के ही पिरोला नामक (BA.2.86) वायरस को लेकर डॉक्टरों के साथ-साथ वैज्ञानिकों ने भी चिंता जाहिर की है.
दरअसल, वैज्ञानिकों की चिंता की वजह इसके स्पाइक प्रोटीन में होने वाला म्यूटेशन है. इस वायरस की सतह पर एक मॉलिक्यूल होता है, जो हमारी कोशिकाओं में चाबी की तरह काम करता है. वैक्सीन के लिए भी यह एक टारगेट है. इसलिए स्पाइक में बदलाव होने का मतलब है वायरस के व्यवहार में बदलाव यही डॉक्टर्स की चिंता का कारण है.
वैज्ञानिक इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि आने वाले समय में संक्रमण की एक लहर आ सकती है. इस चिंता के कारण ही वैज्ञानिक और डॉक्टर अब इसके फैलाव को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में बात करने लगे हैं
