(मानवीय सोच) : केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसरो के चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन की सफलता का श्रेय सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से ‘‘अंतरिक्ष के क्षेत्र को खोलने’’ की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीति को दिया और कहा कि अमेरिका और रूस भी इन परियोजनाओं को लेकर भारत द्वारा जानकारी साझा किए जाने का उत्सुकता से इंतजार करते हैं. मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन भारत में तेजी से होते विकास का प्रतीक हैं.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे मिशन लगभग एक साथ शुरू हुए. चंद्रयान-3 का उल्लेखनीय पहलू चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर उतरना था, जहां पर अभी तक कोई नहीं पहुंचा था। हम वायुमंडल, खनिजों और तापीय स्थितियों पर महत्वपूर्ण डेटा एकत्र कर रहे हैं और निष्कर्षों का विश्लेषण कर रहे हैं.’’ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर से भाजपा के सांसद ने कहा कि वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से अमेरिका और रूस में भारत से मिलने वाली जानकारी को लेकर उत्सुकता रहती है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस ने भारत से बहुत पहले अंतरिक्ष के क्षेत्र में यात्रा शुरू की थी.
