मुजफ्फरनगर : (मानवीय सोच) जनपद के खुब्बापुर गांव की शिक्षिका तृप्ति त्यागी सवालों के घेरे में है। अब वह कह रही हैं कि उन्हें अपने किए का पछतावा है, इसकी गलती भी स्वीकार कर ली है।
मुस्लिम बच्चों को पढ़ाया, अभिभावक आते थे और कहते थे कि मैडम सख्ती रखना, हमें बच्चे कामयाब करने थे। बच्चों को अनुशासन में लाने के लिए सख्ती शुरू की। दिव्यांग हूं, कुर्सी से नहीं उठा जा रहा था। ऐसे में बच्चों से सजा दिलाई, लेकिन यह गलत हो गया। वायरल वीडियो की सच्चाई नहीं दिखाई गई।
मैंने मुस्लिमों पर कोई टिप्पणी नहीं की। आम बोलचाल की भाषा में सिर्फ यह कहा कि जितनी भी ‘मोमडन (मुस्लिम) मां हैं, वो अपने बच्चों को लेकर मायके न जाएं। क्योंकि एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इससे पढ़ाई में नुकसान होगा। क्योंकि बच्चे एग्जाम नहीं दे पाएंगे।
