उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की झुलसने एवं दम घुटने से मौत हो गई। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 55 नवजात भर्ती थे। 45 नवजात को सुरक्षित निकाल लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग बुझाने वाले सिलिंडर एक्सपायर हो चुके थे।
ये सिलिंडर से आग काबू पाने में नाकाम साबित हुए। झांसी मेडिकल कॉलेज में आग से बचाव के लिए लगे फायर इंस्टीग्यूशर गवाही दे रहे हैं कि कोई दो साल पहले तो कोई एक साल पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था। जिसकी वजह से ये सिलिंडर आग बुझाने में नाकाम साबित हुआ। एक सिलिंडर पर 2019 की फिलिंग डेट है,
एक्सपायरी डेट 2020 की है। यानि फायर सिलिंडर को एक्सपायर हुए कई साल हो चुके थे। यह सिलिंडिर खाली दिखावे के लिए यहां रखे हुए थे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि फरवरी 2024 में मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं देखी गई थी। जून में ट्रायल भी किया गया था, मगर अफसोस की बात यह है
एसएनसीयू में शुक्रवार की रात आग लगने की घटना हुई और 10 नवजात शिशुओं ने जलने से दम तोड़ दिया। यहां पर आग से बचाव के लिए लगे फायर इस्टिंगयुशर गवाही दे रहे हैं कि कोई दो साल पहले तो कोई एक साल पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था। जिसकी वजह से आग बुझाने में नाकाम साबित हुआ।
