लखनऊ : (मानवीय सोच) लखनऊ विश्वविद्यालय में ट्रांसजेंडर भी पढ़कर अपना करियर बना सकें इसको लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय लंबे वक्त से कोशिशें कर रहा था. पिछले साल लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए तीन ट्रांसजेंडरों ने आवेदन तो किया था लेकिन दाखिला किसी ने नहीं लिया. इस साल भी दाखिले के लिए पांच आवेदन आए, लेकिन अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. ऐसे में अब लखनऊ विश्वविद्यालय ने फैसला किया है कि ट्रांसजेंडरों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा.
लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल ट्रांसजेंडर के लिए कैसा है यह जांचने के लिए सोमवार को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड,देविका देवेंद्र मंगलामुखी लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंची. इस दौरान उनके साथ दो अन्य ट्रांसजेंडर नीलोफर (हमसफर एनजीओ की परियोजना निदेशक) और शिवेन गुरेजा भी थे.
इस टीम ने पूरे लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल देखा और लखनऊ विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो पूनम टंडन के साथ ही इस विभाग के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. अरविंद अवस्थी, हिंदी विभाग प्रो श्रुति और मनोविज्ञान विभाग से प्रो. अर्चना शुक्ला से बात की और लखनऊ विश्वविद्यालय के बारे में बारीकी से जाना.
