अलीगढ़ : (मानवीय सोच) डीएम साहब मैं जिंदा हूं, लेकिन मेरे भाई-भतीजे ने फर्जी तरीके से मेरा मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर किसी महिला को मेरी पत्नी के रूप में दर्शाकर उसके नाम पर पेंशन स्वीकृत करा दी है, जबकि पत्नी की एक साल पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है। गांव में जाने पर परिजनों द्वारा मुझे मारपीट कर भगा दिया जाता है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को मामले की जांच सौंपते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
डालचंद ने बताया कि पत्नी की एक साल पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है। सैनिक बोर्ड पहुंचकर शिकायत करते हुए अभिलेखों की जांच कराई तो पता चला कि उसमें मृत्यु प्रमाणपत्र लगा हुआ है और उन्हें मृत दर्शाया गया है। डालचंद ने आरोप लगाया कि जब भी वे गांव में जाते हैं तो परिवार के लोग उन्हें मारपीट कर भगा देते हैं,
