आगरा : (मानवीय सोच) मेडिकल की काॅपियां बदलने के रैकेट में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, निजी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी, छात्र नेता और डॉक्टर शामिल थे। ये एक विषय की कापी बदलने के लिए 70 हजार रुपये से 1.5 लाख रुपये तक लेते थे। गिरफ्तार किए आरोपियों ने 40 काॅपियां बदले जाना कबूला था।
बीते साल अगस्त में बीएएमएस और एमबीबीएस की काॅपियां बदलने का खेल पकड़ने के बाद पुलिस 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मास्टर माइंड छात्र नेता राहुल पाराशर, ऑटो चालक देवेंद्र और विश्वविद्यालय कर्मचारी शिव कुमार ने पुलिस को बताया था कि बीएएमएस की एक विषय की काॅपी बदलने के लिए 70 हजार रुपये और एमबीबीएस की एक विषय की काॅपी बदलने के लिए 1.5 लाख रुपये लेते थे।
उन्होंने एमबीबीएस की 26 और बीएमएस की 14 काॅपियां बदले जाने की बात स्वीकारी थी। काॅपियां बदलने वाले खेल में निजी मेडिकल कॉलेज के संचालक भी शामिल थे। काॅपियां बदलने के लिए छात्रों से सौदा करने में इनकी भी भूमिका मिली थी।
