श्रीनगर (मानवीय सोच) द कश्मीर फाइल्स’ में दिखाए गए कश्मीरी पंडित परिवारों के दर्द ने फिल्म को हिट कर दिया. इस फिल्म को देखने के बाद कई कश्मीर पंडित जागरूक भी हुए हैं. एक कश्मीरी पंडित की हत्या के मामले में अब उसका परिवार कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने भी सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है.
31 साल पहले हुई थी हत्या
31 साल पहले कश्मीरी पंडित सतीश टिक्कू की हत्या हुई थी. अब उनके परिजनों ने स्थानीय कोर्ट में आवेदन देकर कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में दर्ज FIR पर औपचारिक सुनवाई की मांग करते हुए आरोप पत्र दाखिल करने का आग्रह किया है. कोर्ट ने भी याचिका पर सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय कर दी है.
16 अप्रैल को सुनवाई
श्रीनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सतीश के भाई महाराजा कृष्ण टिक्कू की याचिका पर सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की है. टिक्कू परिवार के वकील उत्सव बैंस ने बताया कि सतीश टिक्कू की हत्या में मोबाइल मजिस्ट्रेट ने 1 सितंबर 2021 को आवेदन खारिज कर दिया था और प्रत्यक्ष तौर पर याचिका दाखिल करने के लिए कहा था.
बिट्टा पर आरोप
इसके बाद परिवार की तरफ से याचिका दायर की गई. बता दें कि 1990 में सतीश टिक्कू की हत्या कर दी गई थी. उसका आरोप JKLF के लीडर बिट्टा कराटे पर लगा था. 1991 में एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान बिट्टा कराटे ने स्वीकार किया था कि उसने अपने दोस्त सतीश टिक्कू समेत दर्जनों कश्मीरी पंडितों को मार डाला था. हालांकि, बाद में बिट्टा अपने बयान से पलट गया था.
फिलहाल जेल में बंद आरोपी
बिट्टा को 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी फंडिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था, वह तबसे जेल में है. इससे पहले वह विभिन्न आरोपों में लगभग 16 वर्षों तक जेल में रह चुका है.
