मुंबई (मानवीय सोच) पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडेय ने दिल्ली की एक अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। उन्हें एनएसई फोन टैपिंग केस में गिरफ्तार किया गया था। पांडे ने कहा, मैंने बहुत सारे हाई प्रोफाइल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों की पड़ताल की है। मुझे पता है कि ईमादारी से ड्यूटी करने के एवज में यह एक राजनीतिक साजिश है जो कि मेरे खिलाफ की गई है।
पांडेय ने कहा, जिस अपराध के बारे में कहा जा रहा है कि 2009 से 2017 के बीच में किया गया। उसकी जांच अब 2022 में हो रही है। साफ पता चलता है कि यह राजनीति से प्रेरित साजिश है। पांडेय की जमानत याचिका में कहा गया है कि जिस घटनाक्रम को लेकर उनको गिरफ्तार किया गया है वह आज से 13 साल पहले शुरू हुआ था और पांच साल पहले खत्म हो गयाा।
संजय पांडेय की तरफ से उनके वकील आदित्य वाधवाऔर ऐडवोकेट सिद्धार्थ सुनील ने जमानत याचिका फाइल की है। उन्होंने याचिका में कहा है कि जो एफआईआर दर्ज की गई है उससे कई तरह के संदेह खड़े होते हैं। ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता संजय पांडेय की कोई गलती नहीं है बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से यह केस दर्ज किया गया है।
