मेरठ (मानवीय सोच) मेयर हरिकांत अहलूवालिया जनता की समस्याओं को हल करने के लिए हर संभव प्रयास करते हुए नजर आते हैं. वह निरीक्षण और जन सुनवाई के साथ साथ विकास कार्य करवाने के लिए सदा तत्पर नजर आते हैं. किंतु बीजेपी के मेयर हरिकांत अहलूवालिया की बात नगर निगम मेरठ के अधिकारी बात नहीं सुनते हैं.
मेरठ में 90 वार्ड हैं और इन वार्डो में आम समस्या ये हैं कि बारिश में जल की निकासी हो सके. जिन क्षेत्रों में पानी की पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है उन क्षेत्रों का काम जल्द से जल्द पूरा हो सके लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है. दरअसल में नगर निगम के जल विभाग में कोई अधिकारी मौजूद नहीं है. औपचारिक तौर पर अपर नगर आयुक्त को इसका चार्ज दिया गया है.
जल विभाग के एक अधिकारी को नगर आयुक्त ने रिलीव कर दिया है और नए किसी अधिकारी की तैनाती नहीं की गई. मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि प्रशानिक अधिकारी को जीएम बनाया हुआ है और सारे काम रुके हुए है. उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर विकास मंत्री को पत्र लिखूंगा.
