स्वदेशी हथियारों से भारतीय सेना की ताकत में लगातार इजाफा हो रहा है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गाइडेड पिनाका हथियार प्रणाली के उड़ान परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. दूर बैठे दुश्मन को तबाह करने में यह हथियार काफी कारगर है. जाहिर है भारत के खिलाफ नापाक मंसूबे पालने वाले इससे खौफ खाएंगे. भगवान शिव के धनुष पिनाका के नाम पर इस हथियार का नाम रखा गया है.
खासियत
पिनाका 44 सेकेंड में 12 रॉकेट लांच कर सकता है
हर 4 सेकेंड में एक रॉकेट निकलता है
इसकी रेंज 7 से 90 किलोमीटर है
इसकी रफ्तार 5757 किलोमीटर है.
लंबाई-16.3 से 23.7 फीट
तीन वैरिएंट
एमके-1-रेंज 45 किलोमीटर
एमके-2रेंज 90 किलोमीटर
एमके-3 निर्माणाधीन
क्या हुआ परीक्षण में
उड़ान परीक्षण तीन चरणों में विभिन्न फील्ड फायरिंग रेंजों में किए गए हैं. इन परीक्षणों के दौरान, रॉकेटों की रेंजिंग, सटीकता, स्थिरता और सैल्वो मोड में कई लक्ष्यों पर फायर की दर का आकलन किया गया है.
2 लांचर से 12-12 रॉकेट फायर
2 इन-सर्विस पिनाका लॉन्चरों से प्रत्येक उत्पादन एजेंसी के बारह (12) रॉकेटों का परीक्षण किया गया है. यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा. पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी हथियार प्रणाली है .
भारतीय सेना की तारीफ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिस्टम के सफल PSQR वैलिडेशन ट्रायल के लिए DRDO और भारतीय सेना की सराहना की है. इस गाइडेड पिनाका हथियार प्रणाली के शामिल होने से सशस्त्र बलों की तोपखाने की मारक क्षमता में और वृद्धि होगी. रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने भी परीक्षणों से जुड़ी टीमों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि रॉकेट सिस्टम ने भारतीय सेना में शामिल होने से पहले सभी पूर्व-आवश्यक उड़ान परीक्षण पूरे कर लिए हैं.
