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भ्रष्टाचार के मामलों में था टॉप, ओडिशा सरकार ने आईएएस को नौकरी से निकाला

नई दिल्ली (मानवीय सोच) ओडिशा सरकार ने बुधवार को पहली बार आईएएस अधिकारी को नौकरी से निकाल दिया है। बर्खास्त आईएएस अधिकारी राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार के सबसे अधिक मामलों का सामना किया और दो मामलों में दोषी ठहराया गया है। ओडिशा कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी विनोद कुमार को 2018 और 2020 में भ्रष्टाचार के दो मामलों में दोषी पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है।

विनोद कुमार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्र ने उन्हें बर्खास्त करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 58 वर्षीय कुमार को संविधान के अनुच्छेद 311 (2) के तहत बर्खास्त कर दिया गया है। अनुच्छेद 311 (2) के तहत एक सरकारी कर्मचारी को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने पर बर्खास्त किया जा सकता है।

कुमार, जो जनवरी 2024 में रिटायर होने वाले थे, इस प्रकार उन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे रिटायरमेंट का कोई लाभ नहीं मिलेगा। इस मामले में बर्खास्त आईएएस अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं मिला है।

कुमार को साल 2018 में एक विजिलेंस अदालत ने कुमार को उड़ीसा ग्रामीण आवास विकास निगम में वित्तीय अनियमितताओं के लिए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। सितंबर 2020 में, एक विशेष सतर्कता अदालत ने उन्हें और पांच अन्य को एक ही संगठन में 1.02 करोड़ रुपए के घोटाले में 3 साल कैद की सजा सुनाई थी। कुमार का नाम भ्रष्टाचार के 26 मामलों में है, जिसमें आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले भी शामिल हैं।

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