मऊ : (मानवीय सोच) जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने अब्बास अंसारी व अन्य लोगों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के मामले में एसीजेएम एमपी/ एमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान और पुलिस के आरोप पत्र को खारिज कर दिया है
उच्च न्यायालय ने अब्बास अंसारी व अन्य की ओर से धारा 482 सीआरपीसी के तहत दाखिल याचिका को स्वीकार किया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री को देखते हुए प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 171-एच, 341 के तहत कोई मामला नहीं बनता है। ऐसे में कोई अपराध नहीं बनता है। इसलिए मऊ कोतवाली दर्ज मुकदमे को रद्द किया जाता है। सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आवेदन स्वीकार किया जाता है।
यह पूरा मामला विधानसभा चुनाव के दौरान बिना अनुमति विजय जुलूस निकालने से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार उपनिरीक्षक आदर्श श्रीवास्तव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि मऊ सदर विधानसभा से चुनाव जीतने के बाद अब्बास अंसारी ने बिना 10 मार्च 2022 को अनुमति के अपने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाला। जिससे सड़क जाम हो गई।
