इसरो और नासा के संयुक्त मिशन गगनयान की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर के त्रिवेणीनगर निवासी शम्भू दयाल शुक्ला को दिल्ली बुलाया था। पिता के सामने ही मोदी ने कैप्टन शुभांशु शुक्ला का चयन मिशन में होने की घोषणा कर बैच दिया था। पिता शम्भू दयाल ने कहा कि मैं उन पलों को कभी नहीं भूल सकता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने देश को हीरा दिया, जिसकी परख हमने की है। शुक्रवार को शुभांशु प्रशिक्षण के लिए अमेरिका गए। शम्भू दयाल ने कहा कि मैंने सचिवालय में नौकरी करने के दौरान आईएएस अफसरों का रुतबा देखा था।
मेरी इच्छा थी कि बेटा सिविल सेवा में जाए आज बेटे के नाम से मेरी पहचान हो रही है, ये मेरे लिए गर्व की बात है। ये कहते हुए शम्भू के साथ उनकी पत्नी आशा शुक्ला की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। मां चाहती है कि गगनयान के रवाना होने की पूरी प्रक्रियां नजदीक से देखें लेकिन यह संभव नहीं है। मां ने बताया कि बेटे की प्राथमिक शिक्षा सीएमएस अलीगंज से हुई है। वह बचपन से ही पढ़ने लिखने में बड़ा होशियार रहा। शुभांशु की छोटी बहन शुचि मिश्रा ने भी खुशी जाहिर की। पिता ने कहा कि ”गगनयान” अभियान के चुने गए सभी अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। हालांकि जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी घोषणा की थी उस दिन पूरा परिवार शुभांशु के साथ था।
