लखनऊ : (मानवीय सोच) यूपी में जल्द ही लिफ़्ट एक्ट लागू होने वाला है. इसके ड्राफ़्ट में सोसाइटीज के रेज़िडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन (RWA) और AMC करने वाली एजेंसी की जवाबदेही तय करने का प्रावधान किया गया है. साथ ही मौजूदा लिफ़्ट और एस्कलेटर्स को भी ऐक्ट के दायरे में लाया जाएगा लिफ़्ट में ऑटो रेसक्यू डिवाइस लगाना ज़रूरी होगा तो वहीं सार्वजनिक स्थलों पर लिफ़्ट में ऑपरेटर का होना भी ज़रूरी किया जाएगा. फ़ाइनल ड्राफ़्ट नवम्बर महीने में सामने आने वाला है अलग अलग हिस्सों ख़ास तौर पर एनसीआर क्षेत्र में लिफ़्ट में होने वाली दुर्घटनाओं में अब जवाबदेही तय हो सकेगी. जल्द ही यूपी में पहला लिफ़्ट ऐक्ट लागू होने वाला है. इसके फ़ाइनल ड्राफ़्ट को लेकर तैयारी चल रही है. इसके प्रावधानों को तय कर लिया गया है 15-20 दिन में फ़ाइनल ड्राफ़्ट सामने आ जाएगा
