लखनऊ : (मानवीय सोच) यूपी में किसानों को बीज खरीद पर सब्सिडी देने में करोड़ों के घोटाला सामने आया है। किसानों को बीज खरीद पर सीधे सब्सिडी देने की बजाय मनचाही कंपनी को मनचाहे रेट के आधार पर बीज खरीद का ठेका दिया गया।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग 2015 से 2020 तक सुचारु रूप से संचालित था, लेकिन 2021 से लेकर अब तक विभाग के जिम्मेदार शासनादेश को दरकिनार का मनमाने ढंग से डीबीटी योजना का संचालन कर रहे हैं। जिसके जरिए दो साल के अंदर लगभग 60 करोड़ का योजना के बजट में बंदरबांट किया गया।
30 जून 2021 को केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन एंड फार्मर्स वेलफेयर के द्वारा जिओ जारी किया गया। इसमें कहा गया कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के द्वारा बीज वितरण करने के लिए एजेंसियों का चयन पारदर्शी निविदा से किया जाए। खुली एवं पारदर्शी प्रतिस्पर्धा से निविदा की न्यूनतम दरों को प्राप्त किया जाए।
