लोकसभा में शुक्रवार को मेडिकल शिक्षा की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) के मुद्दे विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी गयी। इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे भी इसी मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गयी थी। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांत रहने और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य एस के नुरूल इस्लाम के लोकसभा की सदस्यता की शपथ लेने की कार्यवाही पूरी करने देने को कहा। बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कहा कि अपने दल के सदस्यों को समझायें कि उन्हें कब खड़े होना है, और कब नहीं। इस्लाम के शपथ लेने के बाद विपक्षी सदस्य पुन: शोर करने लगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन के बीचोबीच आकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सदस्य कह रहे थे कि विद्यार्थियों के साथ न्याय होना चाहिए। वे नारे लगा रहे थे,… विद्यार्थियों को न्याय दो, न्याय दो।… उनका कहना था कि इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा करायी जानी चाहिए। वे शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की भी मांग कर रहे थे। बिरला ने सदस्यों से शांत रहने और अपनी-अपनी सीट पर जाने के कई बार कहा, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने सदस्यों को नारेबाजी करने के लिये चुनकर यहां नहीं भेजा है। सदन और सड़क में अंतर होना चाहिए। अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही कुछ विधायी कार्य संपन्न करवाया।
