लखनऊ (मानवीय सोच) पुलिस के सामने वकीलों की भीड़ बवाल करती रही। एक रोडवेज बस में घुसकर चालक को पीटा, यात्रियों से अभद्रता की। इससे बस में बैठीं महिलाएं, युवतियां और बच्चे दहशत में आ गए। बेटी संग कार से जा रहे युवक को भी नहीं छोड़ा।
उससे भी मारपीट की। अन्य कई राहगीरों और पुलिसकर्मियों से भी वकीलों का यही रवैया रहा। पुलिस अफसर मूकदर्शक बने रहे। वे सिर्फ समझाने में जुटे रहे। सख्ती नहीं करने की वजह से बवाल होता रहा।
वकीलों ने जैसे ही परिवर्तन चौक पर प्रदर्शन शुरू किया, चारों तरफ यातायात पूरी तरह से थम गया। जिसने भी आगे बढ़ने का प्रयास किया, मारपीट कर वकीलों ने उसे खदेड़ दिया। इसी दौरान एक रोडवेज बस वहां पहुंच गई। बस में अधिकतर महिला यात्री मौजूद थीं। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि भीड़ बस में घुस गई।
बस चालक को पीटने लगे। भीतर बैठे यात्रियों से अभद्रता करने लगे। यात्री चीखने-चिल्लाने लगे। तब पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, किसी तरह से उनको बाहर निकाला। वहीं, एक शख्स पत्नी व बेटी के साथ कार से जा रहा था। वकीलों ने उसकी कार रुकवा ली।
