कोलंबो (मानवीय सोच) श्रीलंका में सियासी घमासान के बीच पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे तो देश छोड़कर निकल गए लेकिन अब पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे और बासिल ऐसा नहीं कर पाएंगे। कोर्ट ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। बासिल राजपक्षे पहले भी सिल्क रूट से विमान लेकर देश छोड़ने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन कर्मचारी यूनियन ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया था। बासिल राजपक्षे श्रीलंका के वित्त मंत्री रह चुके हैं।
इससे पहले महिंदार और बासिल राजपक्षे ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि जब तक उनके खिलाफ दायर मौलिक अधिकार याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती वह देश नहीं छोड़ेंगे। बासिल राजपक्षे के देश छोड़ने की कोशिश के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी। बासिल राजपक्षे गोटाबाया राजपक्षे के छोटे भाई हैं। उन्होंने अप्रैल में ही वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
महिंदा राजपक्षे ने दबाव के बाद 9 मई को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। श्रीलंका की एक अदालत ने सरकार विरोधी आंदोलन पर घातक हमले के आरोप में उनके खिलाफ जांच को लेकर विदेश यात्रा पर रोक लगा दी थी। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति गोटाबाया ने विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री बनाया था। हालांकि श्रीलंका के हालात सुधारना इतना आसान नहीं है।
बता दें कि विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भागे गोटाबाया राजपक्षे की अनुपस्थिति में रानिल विक्रमसिंघे को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। स्पीकर ने ऐलान किया है कि 20 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए संसद में चुनाव होंगे तब तक विक्रमसिंघे के पास ही राष्ट्रपति के सारे अधिकार और शक्तियां होंगी।
