(मानवीय सोच) : वैसे तो करीब-करीब हर रोज सरकारी अस्पतालों की कुछ न कुछ खामियां सामने आती ही रहती हैं. कभी घूस लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता है तो कभी किसी मरीज का ठीक से इलाज न करने का आरोप लगता है, लेकिन बांदा के जिला अस्पताल में तो डाक्टरों ने मरे हुए को जिंदा बता दिया और जिंदा को मरा हुआ और कागजों में जमकर खेल किया. ये मामला सामने आने के बाद पीड़ित को सुनकर दंग ही रह गए.
दरअसल जिला अस्पताल में कर्मियों और डॉक्टर ने जिस महिला को वार्ड में भर्ती कर इलाज किया था उसकी रजिस्टर पर इंट्री तक नहीं की. ये मामला तब खुला जब महिला की मौत के बाद परिजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे. बस यहीं पर डाक्टरों की लापरवाही का पेच फंस गया तो दूसरी ओर अपनी गलती छुपाने के लिए डॉक्टर ने जिंदा मरीज के बीएचटी (बेड हेड टिकट) नंबर पर मृत मरीज की इंट्री कर दी. हालांकि जांच में लापरवाही पाए जाने पर सम्बंधित डॉक्टर और कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है.
