बागपत : (मानवीय सोच) आपको सुनकर थोडा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन यह बात सौ आने सच है। जनपद के सैकड़ों कार्डधारक ऐसे पकड़े में आए हैं, जो रहते यूपी यानी बागपत में है, लेकिन उनका मुफ्त का राशन दिल्ली, पंजाब सहित अन्य राज्यों से आ रहा है। यानी हर माह जनपद के तकरीबन 3500 कार्डधारक दो-दो राज्यों से राशन लेकर पेट भर रहे है। इसका खुलासा केन्द्रीय भंडारण प्रणाली में हुआ है। इनमें से 1200 से अधिक राशनकार्ड ऐसे हैं जिन्हें सरेंडर कराने के लिए चिह्नित भी कर लिया गया है। उधर मामला उजागर होने पर विभागीय अफसरों ने सूची तैयार कर ली है।
जल्द ही सूची शासन को भेजी जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत प्रति माह गरीब परिवार को निशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। कोविड संक्रमण कॉल में सरकार ने राशन कार्ड बनाने में नियमों को शिथिल कर पात्रों को लाभांवित करने की कोशिश की। जनपद में परिवार के नाम बने कार्ड में नाम शामिल होने के बावजूद दूसरे प्रांत (राज्य) यानी हरियाणा, सोनीपत, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहरा, झारखंड में भी राशनकार्ड बनवाकर राशन लेने का मामला आया है।
