इलाहाबाद : (मानवीय सोच) हाईकोर्ट में पेश एसटीएफ अफसरों ने बुधवार को बताया कि सरयू एक्सप्रेस में खून से लथपथ मिली महिला हेड कांस्टेबल सुमित्रा पटेल के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। कांस्टेबल ने अपने बयानों में भी इसकी पुष्टि की है कि उसके साथ छेड़छाड़ या दुष्कर्म नहीं हुआ। एसटीएफ ने यह भी कहा कि अभी कांस्टेबल की मानसिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए वह बार-बार बयान बदल रही है। कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच 26 लोगों की टीम कर रही है।
एसटीएफ के सीओ ने बताया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया गया है। घायल की मनःस्थिति ठीक नहीं है। उसके पुलिस की ओर से धारा 161 के तहत दर्ज बयानों और मजिस्ट्रेट के सामने धारा-164 के तहत दर्ज कलमबंद बयानों में भिन्नता है। मेडिकल बोर्ड की जांच या उसने बयानों में दुराचार की बात सामने नहीं आई है। सीओ ने बताया कि सरयू एक्सप्रेस ट्रेन की जिस बोगी में यह घटना घटी, वहां अंधेरा था और सीसीटीवी में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़िता भी हमलावरों को देख नहीं पाई, क्योंकि वार पीछे से किया गया था।
