आगरा : (मानवीय सोच) कहते हैं, ग्रहण के समय भगवान के कष्टों को कम करने के लिए मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं, लेकिन शहर के यमुना किनारे स्थित पुष्टिमार्गीय प्राचीन मथुराधीश मंदिर में ठाकुर जी के बाल स्वरूप को भय न लगे, इसलिए ग्रहण में भी यह मंदिर खुलता है। हालांकि सूतक लगने के कारण शाम 4 बजे से शहर के सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे। अगले दिन मंदिरों की साफ-सफाई होने के बाद पट पुन: खोले जाएंगे।
शनिवार को शरद पूर्णिमा की रात साल के आखिरी चंद्रग्रहण व शाम 4 बजे सूतक लगने के कारण शहर सभी मंदिर बंद रहेंगे, लेकिन श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को ग्रहण में अकेला न छोड़ने के कारण रातभर पुष्टिमार्गीय मथुराधीश मंदिर के पट खुले रहेंगे। मंदिर के महंत जुगल श्रोतिय ने बताया कि पूरे आगरा में एकमात्र मंदिर है, जिसमें ठाकुर जी की बाल स्वरूप में पूजा होती है। ग्रहण तक मंदिर में रात भर महामंत्र कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
