जम्मू कश्मीर : (मानवीय सोच) भारतीय सेना ने आतंकियों के बड़े मंसूबों पर पानी फेड़ दिया है. दरअसल, लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को सरकारी कामों में बाधा डालने का काम सौंपा गया था. लेकिन अब जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सेना ने तीनों को धर दबोचा है. इनके खिलाफ सेना को कई अहम सबूत मिले हैं. पुलिस को शनिवार को खूफिया जानकारी मिली थी कि तीनों आतंकियों घाटी में छुपे हुए हैं.
पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आतंकी लस्कर-ए-तैयबा कमांडर गुलाम रसूल उर्फ राफिया रसूल के इशारों पर काम कर रहे थे. जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया है उसमें जुबैर अहमद शाह पीरजादा और पीरजादा मुबाशिर यूसुफ है, दोनों शतमुक्कम के रहने वाले हैं.
पुलिस ने बताया कि आतंकियों के पास से पांच हथगोले और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए. प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि तीनों को सरकारी काम में बाधा डालने का टास्क दिया गया था. उन्होंने अपने आकाओं को लक्ष्यों का संकेत देने वाली तस्वीरें भी साझा की थीं.”
