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# सोनभद्र में मिला अहम खनिज पोटाश, जिसे फर्टिलाइजर के रूप में किया जा सकता है प्रयोग

उत्तर प्रदेश : (मानवीय सोच) सोनभद्र से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां पर लखनऊ विश्वविद्यालय की भूगर्भ विज्ञान फैकेल्टी से आए शोध दल की तरफ से यहां आदिमानवों की मौजूदगी से जुड़ा बड़ा प्रमाण मिलने का दावा किया गया है. गुफाचित्रों की मौजूदगी के अलावा, आदिमानवों द्वारा आखेट और स्वयं की रक्षा के लिए प्रयोग किए जाने वाले टूल्स किट (पत्थरों के औजार) और उसकी एक तरफ से पूरी फैक्ट्री मिलने की बात कही गई है.

सोन नदी किनारे आदिमानवों के समूह की मौजूदगी से जुड़े प्रमाण मिलने के दावे के साथ, यह दावा भी किया है कि यहां 20,000 से 50,000 पूर्व तक आदिमानवों का रहन-सहन बना हुआ था. सलखन फासिल्स के अलावा जुगैल क्षेत्र के बरगवां में बृहद स्तर पर जीवाश्म रूपी संरचनाएं, यहां की पहाड़ियों-चट्टानों में 170 करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी के आरंभिक जीवन से जुड़े प्रमाण की मौजूदगी, पोटाश के बड़े भंडार, कई रत्नो-उपरत्नों का बड़ा भंडार होने की संभावना जताई गई है.

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