(मानवीय सोच) : द्वारका एक्सप्रेसवे हाइवे को लेकर पिछले दिनों संसद में रखी गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को लेकर जोरदार हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष की ओर से इसे सबसे बड़ा घोटाला कहा जा रहा है.
कई गुना बढ़ी लागत पर हुए विवाद पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण टेंडर कॉस्ट से 12 फीसदी कम कॉस्ट पर हो रहा है. हमने कैग को सारी जानकारी मौखिक रूप से बताई थी लेकिन लिखित में नहीं दिया और इस वजह से यह सब कुछ हो गया.
गडकरी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे हाइवे 29 किलोमीटर लंबा हाईवे है. हमने इसके लिए जो कैबिनेट नोट भेजा था उसमें लिखा था कि हम 5 हजार किलोमीटर टू लेन प्योर शोल्डर रोड बनाएंगे और उसकी लागत 91 हजार करोड़ रुपये आएगी
उसमें से रिंग रोड और फ्लाइओवर की कीमत इस्टीमेट डीपीआर बनने के बाद तय करेंगे. ये सब नोट में लिखा हुई था जिसे सीएजी ने भी देखा. इस पर उन्होंने कहा कि 85.5 किलोमीटर रोड के लिए आपने 250 करोड़ रुपये खर्च किया.
