लखनऊ (मानवीय सोच) कैंसर, किडनी, लिवर और हृदय रोग की नकली दवाओं की बड़ी खेप बाजार में उतार दी गई है। यह काला कारोबार नामचीन कंपनियों के रैपर का प्रयोग कर किया जा रहा है। मामला प्रकाश में आने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ऐसी 14 नकली दवाओं के बैच नंबर जारी कर बिक्री व खरीद पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
औषधि निरीक्षकों को निरंतर जांच के निर्देश के साथ ही नकली दवाओं को नष्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है। मंगलवार को आगरा के एमएच फार्मा में छापे के दौरान 14 नकली दवाएं पकड़ी गईं थीं। यहां करीब चार लाख 82 हजार की दवाएं मिलीं। पूछताछ में पता चला कि संबंधित बैच की दवाएं प्रदेश के विभिन्न हिस्से में भेजी जा चुकी हैं।
ये बैच प्रतिबंधित
सिप्ला लि. सिक्किम की डायटोर-10 : बैच नं. एनएन 21208, एनएन 20954, इसी कंपनी की मोंटेर-10 : बैच नं. एसएन 20446, एनएस 21076, एनएन 21615, आईपीसीए लैबोरेटरी की जीरोडाल टीएच 4 : बैच नं. एफएसटी 011022 एएस, जायडस की एटोर्वा 20 : बैच नं. एल 201281, अटोर्वा 10 बैच नं. एल 200712, मार्टिन एंड हैरिस लैबोरेटरी की यूरीस्पास : नं. टीयूआर-1940 व टीयूआर-1941, मैक्लेडस फार्मा की बायो डी3 प्लस : बैच नं. केबीसी 2252ए, यूएसवी प्रा.लि. की रोजीडे 10 : बैच नं 28023445 व 28023610, टोरेंटो फार्मा की डिलजेम एसआर : बैच नं. 2 टी 15 जे 003 को बैन किया गया है।
नकली दवाओं पर रोक के लिए लगातार हो रही है जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपायुक्त (ड्रग) एके जैन ने बताया कि नकली दवाओं की ब्रिकी न हो इसके लिए प्रदेश भर में औषधि निरीक्षक लगातार जांच में जुटे हैं। आगरा में पकड़ी गई 14 दवाओं के बैच नंबर जारी करते हुए इनकी खरीद और बिक्री पर रोक लगाई गई है। जहां भी ये दवाएं पाई जाएंगी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
