पीजी के बाद सरकारी अस्पतालों में देनी होगी 15 साल की सेवा

लखनऊ  (मानवीय सोच)   प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में कार्य करते हुए विशेषज्ञ (एमडी या एमएस) डिग्री लेने वाले डॉक्टरों को अब 10 से 15 साल तक सरकारी अस्पताल में कार्य करना होगा। इतना ही नहीं बॉन्ड की राशि एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की तैयारी है। अभी तक कोर्स के हिसाब से यह व्यवस्था दो से 10 साल तक थी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अन्य राज्यों की व्यवस्था के आकलन में जुटा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के असेवित जिलों में कार्य करने वाले तमाम डॉक्टर पीजी करने के लिए विभागीय स्वीकृति लेकर गए, लेकिन पांच साल का समय बीतने के बाद भी अब तक वे लौटकर संबंधित चिकित्सालय में नहीं आए हैं।

ऐसे में 2010 के बाद पीजी कोर्स करने जाने वाले डॉक्टरों का डाटा तैयार किया जा रहा है। कोर्स के बाद वापस नहीं लौटने वाले डॉक्टरों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी और उनसे बॉन्ड की राशि वसूली जाएगा। इसी तरह 2019 में पीजी के लिए जाने वाले डॉक्टरों का इस साल कोर्स पूरा हो रहा है। इनकी तलाश विभाग ने शुरू कर दी गई है। 

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