अयोध्या : (मानवीय सोच) श्रीरामजन्मभूमि परिसर में हो रहे मंदिर निर्माण से रामभक्तों की सदियों की प्रतीक्षा खत्म हो रही है। राममंदिर न सिर्फ तकनीकी रूप से दुनिया के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा, बल्कि भव्यता में भी इसका कोई सानी नहीं होगा। 77 एकड़ के संपूर्ण रामजन्मभूमि परिसर को संवारने में 1835 करोड़ के खर्च का अनुमान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने लगाया है। अकेले मंदिर निर्माण में अब तक 345 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
ऐसे में ट्रस्ट के सूत्रों का कहना है कि मंदिर निर्माण में धन की कमी आड़े नहीं आने पाएगी। मंदिर भव्यता व तकनीक के लिहाज से दुनिया के चुनिंदा मंदिरों में से एक हो, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। अकेले मंदिर निर्माण की लागत ही 575 करोड़ आंकी गयी है, जिसमें से अब तक 345 करोड़ खर्च हो गए हैं।
ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर मंदिर निर्माण के चित्र व वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर देश-दुनिया के भक्तों को मंदिर की प्रगति से भी अवगत कराया जाता है। राममंदिर के भूतल का काम 85 फीसदी पूरा हो चुका है। जनवरी 2024 में गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।
