लखनऊ (मानवीय सोच) सपा सरकार में शुरू गोमती रिवरफ्रंट पर म्यूजिकल फाउंटेन वाटर शो के लिए 49.59 करोड़ रुपये बेकार में खर्च कर दिए गए। यह आज तक शुरू नहीं हुआ। कैग ने विधानसभा में पेश रिपोर्ट में कहा, इसकी बोलियां आमंत्रित करना सरकार की पेशेवर विफलता थी।
कैग ने अधिशासी अभियंता लखनऊ मंडल शारदा नहर के अभिलेखों की जांच में पाया कि शासन ने गोमती तट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजिकल फाउंटेन शो स्थापित करने का फैसला लिया था। व्यय वित्त समिति ने वर्ष 2015 में यह कहते हुए इसके लिए 45 करोड़ अनुमोदित किए कि ऐसे फाउंटेन भारत में नहीं बनते। इन्हें विदेश से मंगवाना होगा। 21 और 22 जुलाई 2016 को इसके लिए कोटेशन आमंत्रण सूचना प्रकाशित की गई, पर वैश्विक निविदा जांच के लिए प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा का अभाव रहा।
जांच में पाया गया कि फाउंटेन के डिजाइन, आपूर्ति के लिए 44.69 करोड़ की तकनीकी स्वीकृति, सिविल एवं विद्युत कार्यों की लागत को शामिल किए बिना जारी की गई। शारदा सहायक के मुख्य अभियंता ने मैसर्स एक्वाटिक शो को 41.43 करोड़ रुपये फाउंटेन की खरीद और डिजाइन के लिए जारी कर दिए। फाउंटेन शो का प्रदर्शन 2017 में होना था। बाकी 10 प्रतिशत राशि इसके चालू होने के बाद दी जानी थी। उपकरण खरीद में 12.59 करोड़ सीमा शुल्क आदि पर भी खर्च किए गए।
शासन की ओर से बताया गया कि सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है। यह पूरी होने के बाद फाउंटेन स्थापना का प्रस्ताव है।
