आगरा (मानवीय सोच) टीके ने कोरोना वायरस का दम निकाल दिया। टीकाकरण करवाने वालों के शरीर में 365 दिन बाद भी वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बनी हुई है। इनमें संक्रमित हुए और टीका लगवाने वालों में 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिली है। एसएन मेडिकल कॉलेज में अब तक 4058 लोगों की एंटीबॉडी की जांच हो चुकी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ट्रांसफ्यूजन विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ। मार्च 2022 तक जिले में 4058 लोगों ने एंटीबॉडी की जांच कराई। इनमें 150 से 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिली। इनमें से 186 लोगों की एक साल तक 28वें दिन, 56वें दिन, 90वें दिन, 180वें दिन, 300 वें दिन और 365 वें दिन रक्त का नमूना लेकर एंटीबॉडी की जांच की।
इनमें 80 मरीजों में 132 यूनिट/एमएल से कम एंटीबॉडी मिली। मानक के अनुसार एंटीबॉडी 132 यूनिट/एमएल से अधिक होनी चाहिए। बाकी के मरीजों में भरपूर एंटीबाडी की पुष्टि हुई। कोरोना से संक्रमित हुए और टीके की दोनों खुराक लगवाने वालों में एंटीबॉडी पांच से 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिलीं। दो मरीजों में 25 हजार यूनिट/एमएल पाई गईं।
