यूपी (मानवीय सोच) अमरोहा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिली युवक की लाश मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। चौकी इंचार्ज समेत आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों को को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुरादाबाद द्वारा अमरोहा पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। बतादें कि युवक के परिजनों ने आरपीएफ के जवानों पर उसे पीट-पीटकर मार डालने का आरोप लगाया था। श्मशान घाट से लापता युवक की लाश रेलवे ट्रैक पर मिलने पर परिजनों ने यहां जमकर हंगामा किया था। इसके बाद आरोपित आरपीएफ के जवानों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
ये है पूरा मामला
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पीरगढ़ में हर किशन का परिवार रहता है। उनके बेटे छोटू का आरोप है कि शनिवार दोपहर उसका भाई विनीत अमरोहा रेलवे स्टेशन के नजदीक श्मशान घाट में बैठा हुआ था। आरोप है कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वहां पहुंचे आरपीएफ के छह सिपाही बेवजह ही उसे बुरी तरह पीटने लगे और उठाकर ले गए। इस बात का पता चलने पर परिजन विनीत को छुड़ाने के लिए आरपीएफ चौकी पर पहुंचे तो इंचार्ज ने मामला संज्ञान में न होने की बात कहकर लौटा दिया।
रविवार सुबह छह बजे विनीत की लाश अमरोहा रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिलने से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आरपीएफ जवानों पर पीट पीटकर हत्या कर लाश रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ सिटी विजय कुमार राणा मौके पर पहुंच गए। हंगामा बढ़ने की आशंका भांपते हुए उन्होंने डिडौली कोतवाली व अमरोहा देहात थाने की पुलिस को भी बुला लिया।
एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में फील्ड यूनिट को मौके पर भेजकर साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। परिजनों के आरोप पर आरपीएफ चौकी इंचार्ज विरेंद्र सिंह बिष्ट के अलावा आरक्षी दिवाकर, संजू, उस्मान व देवेंद्र ठाकी समेत दो अज्ञात के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
