महाराष्ट्र (मानवीय सोच) पूर्व मंत्री रामदास कदम ने मंगलवार को एनसीपी चीफ शरद पवार के ऊपर सनसनीखेज आरोप लगाए। अपने आरोपों में उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार शिवसेना को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में सबूत शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को सौंपे थे। कदम ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए दावा किया कि पवार द्वारा शिवसेना को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों ने इस पर चिंता व्यक्त की थी, लेकिन ठाकरे पवार से अलग होने को तैयार नहीं थे। हालांकि एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कदम की टिप्पणी को खारिज किया है। साथ ही दावा किया है कि शिवसेना में विभाजन के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने यह भी कहा कि बागी नेता पवार को निशाना बनाकर इससे ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री कदम ने सोमवार को ठाकरे को लिखे एक पत्र में शिवसेना नेता के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया। शिवसेना अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार शाम को घोषणा की कि कदम को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है। बाद में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के बागी खेमे ने कदम को नेता के रूप में बहाल किया। ठाकरे के नेतृत्व वाले महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल हैं। शिंदे और शिवसेना के 39 अन्य विधायकों द्वारा पार्टी के खिलाफ बगावत करने के बाद पिछले महीने एमवीए सरकार गिर गई।
पवार को छोड़ने को तैयार नहीं थे उद्धव
कदम ने मंगलवार को कहा कि मैंने उद्धव ठाकरे को पर्याप्त सबूत दिए कि कैसे राकांपा प्रमुख शरद पवार शिवसेना को कमजोर कर रहे थे। कदम ने दावा किया कि पवार ने कुनाबी समुदाय (कोंकण में) के सदस्यों को अच्छे पद दिए और उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत किया। उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री हमारे थे, धन सरकारी खजाने से आया, लेकिन पार्टी (शिवसेना) को पवार ने चरणबद्ध तरीके से कमजोर कर दिया। कई विधायकों ने उद्धव ठाकरे के सामने ऐसी ही चिंता व्यक्त की, लेकिन वह पवार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे।
क्या बालासाहेब यह गठबंधन होने देते?
कदम ने कहा कि अगर शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे आज जीवित होते, तो क्या उन्होंने उद्धव ठाकरे को एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने दिया होता? पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र में (2019 में) सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के उद्धव ठाकरे के कदम का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे (उद्धव से) कहा कि यह पाप करने जैसा है। बालासाहेब ठाकरे की आत्मा को इस तालमेल से शांति नहीं मिलेगी। गौरतलब है कि पिछले महीने, जब शिंदे ने पार्टी के खिलाफ बगावत की तो रामदास कदम के बेटे और रत्नागिरी जिले के दापोली से विधायक योगेश कदम भी बागी खेमे में शामिल हो गए थे। इस बीच एनसीपी प्रवक्ता तापसे ने कहा कि पवार की पहल के कारण एमवीए का गठन किया गया। बगावत के बाद भी एनसीपी उद्धव ठाकरे और शिवसेना के उनके नेताओं के समूह का समर्थन कर रही है।
