नई दिल्ली (मानवीय सोच) केंद्रीय कैबिनेट ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के पुनरोद्धार के लिए एक लाख 64 हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है. पैकेज के तीन हिस्से हैं – सेवाओं में सुधार, बहीखातों को मजबूत करना और फाइबर नेटवर्क का विस्तार. दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले के बारे में पत्रकारों को बताया कि सरकार बीएसएनएल को 4जी सेवाओं की पेशकश करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी. उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के 33,000 करोड़ रुपये के वैधानिक बकाये को इक्विटी में बदला जाएगा. साथ ही कंपनी इतनी ही राशि (33,000 करोड़ रुपये) के बैंक कर्ज के भुगतान के लिये बॉन्ड जारी करेगी. वैष्णव ने बताया कि कि मंत्रिमंडल ने बीएसएनएल और भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) के विलय को भी मंजूरी दी है.
उन्होंने बताया कि कंपनी नेटवर्क के अपग्रेडेशन के लिए CAPEX को आज मंजूरी दे दी गई है, अपग्रेडेशन के लिए भारतीय उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा. कैबिनेट ने बीएसएनएल और भारत ब्रॉडबैंक नेटवर्क लिमिटेड के विलय को भी मंजूरी दी है.
वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने 26,316 रुपये की अनुमानित लागत से यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के जरिये देश के ‘अनकवर्ड’ गांवों को 4जी मोबाइल सेवा से युक्त करने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है.एक अन्य सवाल के जवाब में वैष्णव ने बताया कि पांचवीं पीढ़ी (5जी) के स्पेक्ट्रम की नीलामी के दूसरे दिन 1.49 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिली हैं. उन्होंने कहा कि नौवें दौर की बोली जारी है. सरकार को नीलामी के पहले दिन मंगलवार को स्पेक्ट्रम बोली का चौथा दौर पूरा होने के बाद 1.45 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिली थीं
