दिल्ली (मानवीय सोच) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुद्धवार को ‘मुफ़्त योजना’ (Free facilities) पर कहा कि जनता को मुफ़्त सुविधाएँ देने से आर्थिक संकट नहीं आयेगा बल्कि “दोस्तों” को लाखों करोड़ों रुपए का फ़्री फ़ायदा देने से आर्थिक संकट आएगा. केजरीवाल ने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले घोषणाओं पर रोक? क्यों? घोषणाओं से आर्थिक संकट कैसे आयेगा? इनका निशाना कही और है. उन्होने यह भी कहा कि घोषणाओं पर रोक नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारी बजट के एक हिस्से से ज़्यादा फ़्री नहीं देने पर विचार हो सकता है.
उन्होने इस बात पर जोर दिया कि “फ़्री” में मंत्रियों को सुविधाएँ एवं किसी कम्पनी को मुफ़्त/सस्ती सुविधा या लोन माफ़ी भी शामिल हो. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा पर ज़ोर दोतो हुए कहा कि ‘क्या हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा फ़्री मिलनी चाहिए. उन्होनें ये भी कहा कि हर भारतीय को अच्छा इलाज फ़्री मिलना चाहिए या बैंक लूटने वालों के लोन माफ़ होने चाहिए – देश को इस पर विचार करना चाहिए.
