तमिलनाडु में फिल्म निर्माताओं पर IT के छापे, 200 करोड़ से अधिक के काले धन

नई दिल्ली:(मानवीय सोच)  सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने शनिवार को कहा कि आयकर विभाग  ने हाल ही में तमिलनाडु (Tamil Nadu) में कुछ फिल्म निर्माताओं (Film Producers), वितरकों और फाइनेंसरों पर छापेमारी के बाद 200 करोड़ रुपये से अधिक की “अघोषित” आय का पता लगाया है. दो अगस्त को तलाशी शुरू की गई और चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर और वेल्लोर में करीब 40 परिसरों को कवर किया गया. इनकी पहचान जाहिर नहीं की गई है. विभाग ने छापेमारी के दौरान 26 करोड़ रुपये की “अघोषित” नकदी और 3 करोड़ रुपये से अधिक के सोने के आभूषण जब्त करने का दावा किया है.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक बयान में कहा कि अब तक तलाशी अभियान में 200 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है. बयान में कहा गया है कि विभाग ने “बेहिसाब” नकद लेनदेन और निवेश से संबंधित कई दस्तावेज, डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. यहां तक कि गोपनीय परिसर का भी पता चला है.

तमिलनाडु में फिल्म निर्माता घरानों द्वारा कर चोरी का पता चला है. इनकी ओर से फिल्मों की रिलीज से प्राप्त वास्तविक आय नियमित बहीखातों में दिखाई गई राशि से कहीं अधिक है. सीबीडीटी ने कहा, “उनके द्वारा अर्जित की गई बेहिसाब आय को अघोषित निवेश के साथ-साथ विभिन्न अघोषित भुगतानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.” केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड विभाग का प्रशासनिक प्राधिकरण है.

बयान में कहा गया है कि फिल्म वितरकों के मामले में जब्त किए गए दस्तावेज सिनेमाघरों से “बेहिसाब नकदी” एकत्रित किए जाने का संकेत देते हैं. आरोप है कि, “सबूत के अनुसार, वितरकों ने सिंडिकेट का गठन किया है और व्यवस्थित रूप से थिएटर संग्रह को दबा दिया है. इसके नतीजे में वास्तविक आय को दबा दिया गया है.”

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