मेट्रो व रैपिड रेल परियोजनाओं के आसपास बसेंगे आधुनिक शहर

उत्तर प्रदेश  (मानवीय सोच)   कई प्रमुख शहरों में मेट्रो, रैपिड रेल के अलावा छोटे शहरों में ट्रांजिट इंटरवेंशन जैसे मेट्रो नियो का संचालन हो रहा है या संचालित करने का प्रस्ताव है। इसलिए सरकार ने ऐसी परियोजनाओं के आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक शहर बसाने का फैसला किया है।

सरकार इन क्षेत्रों में आवासीय व व्यवसायिक योजना शुरू करने वालों को प्रोत्साहित भी करेगी। इसी उद्देश्य से आवास विभाग द्वारा तैयार की गई ‘उप्र ट्रांजिट ओरिएंटेड विकास नीति-2022’ (टीओडी) को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इस नीति के लागू होने के बाद ट्रांजिट परियोजनाओं के आसपास जहां सुनियोजित शहरों को बसाने में मदद मिलेगी, वहीं, इससे रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे।
ट्रांजिट जोन के लिए काम करने वाली कंपनियों को आसपास की कम जमीन पर बहुमंजिला इमारत बनाने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए दो श्रेणियां तय की गई हैं। दस हजार वर्ग मीटर तक की जमीनों पर अविकसित क्षेत्र में 3.5 फ्लोर एरिया रेशियो (टीओडी एफएआर) दिया जाएगा। सामान्यत: 1.5 एफएआर दिया जाता है। इतने में ढाई मंजिला इमारतें बनाई जाती हैं।

अतिरक्त एफएआर दिए जाने पर और अधिक ऊंची इमारतें बनेंगी। विकसित क्षेत्र में 3 टीओडी (एफआर) व घनी आबादी वाले क्षेत्रों में 2.5 टीओडी एफआर दिया जाएगा। दस हजार वर्ग मीटर से अधिक जमीन पर 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 3.5 टीओडी एफआर, 12 से 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 4 टीओडी एफआर और 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में 5 टीओडी एफआर दिया जाएगा

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