लखनऊ (मानवीय सोच) डिफेंस कॉरिडोर में तीन वर्षों में ब्रह्मोस मिसाइलें बनने लगेंगी। शुरुआत में 100 से अधिक मिसाइलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। पांच से सात साल में 900 करोड़ रुपये की मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव के अपने संबोधन में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा था कि इस कॉरिडोर के विकास से उत्तर प्रदेश राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था और रक्षा उपकरणों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस संबंध में पहल भी हो चुकी है। देश के दूसरे डिफेंस कॉरिडोर में अगले तीन साल में (2025 तक) अत्याधुनिक ब्रह्मोस मिसाइलों (ब्रह्मोस एनजी) का निर्माण होने लगेगा। शुरू में 100 से अधिक मिसाइलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया गया है। पांच से सात साल में 900 करोड़ रुपये की मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य है।
