नई दिल्ली : (मानवीय सोच) केंद्र सरकार ने जजों के वेतन भत्तों और सेवा नियमों के अधिनियम 1958 में संशोधन किया है, इसके तहत CJI और अन्य जजों को रिटायरमेंट के बाद एक साल तक शोफर की सुविधा मिलेगी. ये शोफर सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत शोफर के रूप में बहाल कर्मचारी के पदमान और वेतनमान वाले होंगे. शोफर सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रेगुलर स्टाफ के तौर पर रिटायर्ड जजों की सेवा में रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस को सेवानिवृत्ति के बाद अगले छह महीने तक टाइप सात VII बंगले में आवास की सुविधा मिलेगी.ये सुविधा उनके सेवाकाल वाले निर्धारित बंगले से अलग होगी.
सुप्रीम कोर्ट के ब्रांच ऑफिसर के समकक्ष अधिकारी रिटायर्ड जज के सहायक सचिव के तौर पर एक साल के लिए सेवा में रहेंगे. इसके अलावा उनको रिटायरमेंट के बाद अगले साल भर के लिए आवास पर चौबीसों घंटे सुरक्षा भी मिलेगी. यह सुविधा नियमित सुरक्षा के अतिरिक्त होगी. रिटायर्ड CJI और जजों को एयरपोर्ट पर बने सेरेमोनियल लाउंज में प्रोटोकॉल सुविधा भी मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट जजेज रूल्स 1959 में कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं. अब इसे सुप्रीम कोर्ट जजेज (अमेंडमेंट) रूल्स 2022 के नाम से भी जाना जा सकता है. ये सभी संशोधन केंद्र सरकार के गजट में अधिसूचित होते ही लागू हो गए हैं.
