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NIA ने ज्योति जगताप की जमानत अर्जी का विरोध किया

मुंबई (मानवीय सोच) एनआईए (NIA) ने एल्गार परिषद मामला में ज्योति जगताप की जमानत अर्जी का विरोध किया है. एल्गार परिषद-माओवादी (Elgar Parishad-Maoist) संपर्क मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति जगताप ने बॅाम्बे हाई कोर्ट में जमानत की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें मामले में फंसाया गया है. वहीं, एनआईए (NIA) ने उनकी अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि वह शहरी क्षेत्रों में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) (CPIM) की गतिविधियां फैला रही थीं. एनआईए ने अपने हलफनामे में कहा कि जगताप सीपीआई (माओवादी) की सक्रिय सदस्य हैं और शहरी क्षेत्रों में प्रतिबंधित ‘आतंकी समूह’ की गतिविधियां फैला रही थीं और उन्होंने हथियारों तथा विस्फोटकों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है.

जगताप की याचिका मंगलवार को न्यायमूर्ति अजय गडकरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिये आई. उच्च न्यायालय ने दो सप्ताह बाद सुनवाई करना तय किया. गायिका और कलाकार जगताप ने दावा किया था कि वह बेगुनाह हैं और एनआईए उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई सबूत देने में विफल रही है. वहीं, एजेंसी ने कहा कि जगताप ने 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में दलितों को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने तथा सरकार के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने के लिए उकसाया था. एनआईए ने यह भी आरोप लगाया कि जगताप ने 2011 में हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण लिया था. जगताप ने अपनी याचिका में इस दावे को खारिज कर दिया है. एनआईए ने कहा, ‘‘जगताप एल्गार परिषद सम्मेलन के आयोजन के लिए धन का हिसाब-किताब रखने के लिए भी जिम्मेदार थीं.”

जांचकर्ताओं के अनुसार, सम्मेलन में कथित तौर पर दिये गये भड़काऊ भाषणों से एक जनवरी, 2018 को पुणे जिले के कोरेगांव भीमा के पास हिंसा भड़क गयी थी. पुणे पुलिस का दावा था कि सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन था. जगताप ने उन्हें जमानत देने से इनकार करने के विशेष अदालत के फरवरी 2022 के एक आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में अपील की है. उन पर एल्गार परिषद के सम्मेलन में कबीर कला मंच के अन्य सदस्यों के साथ भड़काऊ नारे लगाने और गाना गाने के आरोप हैं.

एनआईए के अनुसार, कबीर कला मंच प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन CPIM का सहयोगी संगठन है. जगताप को इस मामले में सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से मुंबई की भायखला महिला जेल में बंद हैं.

 

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