ब्रेकिंग न्यूज़
? सोशल मीडिया पर छाया ‘हरियाली क्रांति’ ट्रेंड, लाखों लोगों ने लगाये पौधेसीएम युवा कॉन्क्लेव-2025: आत्मनिर्भर युवाओं की नई उड़ानशिमला समझौते के बाद जनरल सैम मानेकशॉ : AMIT SHAH JIबाराबंकी में महिला सिपाही : बेरहमी से हत्या, चेहरा जलाया, शव झाड़ियों में मिलापाकिस्तान के पास शरण में आने के अलावा कोई चारा ही नहीं था : AMIT SHAH JIसारे सवालों का जवाब : रक्षामंत्री RAJNATH SINGH जी से सुनिए!जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन शिवशक्ति में सेना की बड़ी कामयाबी, दो आतंकी ढेरहिमाचल में फिर कुदरत का कहर: मंडी में 50 से ज्यादा वाहन मलबे में दबेकेरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टली, यमन में सजा रद्द – घर लौटने की उम्मीद जगीऑपरेशन महादेव: पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी ढेरAI के असर से TCS में 12,000 कर्मचारियों पर गिरी गाजभारत-मालदीव संबंधों को नई उड़ान: पीएम की यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को मिला बड़ा बल।RO/ARO परीक्षा पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त नजरहरिद्वार: ‘रेलिंग में करंट’ की अफवाह से मची भगदड़, 6 की मौतदेशभक्ति की पाठशाला: स्कूलों में पढ़ाया जाएगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’सरकार का डिजिटल सफाई अभियान : अश्लील कंटेंट पर 25 OTT प्लेटफॉर्म्स बंदतिहाड़ बनी गैंग का अड्डा: जेल के भीतर से ही दी जा रही रंगदारी और हत्या की सुपारी“भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री संबंधों में नया अध्याय”भारत-UK आर्थिक संबंधों में नया युग: CETA समझौते पर हस्ताक्षरउत्तर प्रदेश अब माफिया मुक्त, पुलिस बनी कानून-व्यवस्था की रीढ़: मुख्यमंत्री योगी

चाइनीज लोन ऐप केस में ईडी का शिकंजा

नई दिल्ली  (मानवीय सोच)  चाइनीज लोन ऐप से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने ऑनलाइन पेमेंट गेटवे- Razorpay, Paytm, Cashfree के बेंगलुरु स्थित दफ्तर में छापेमारी की है। ईडी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को छह परिसरों में शुरू की गई तलाशी अभियान अब भी जारी है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसी ने छापेमारी के दौरान मर्चेंट आईडी और चीन के लोगों की ओर से नियंत्रित संस्थाओं के बैंक खातों में रखे गए 17 करोड़ रुपये को जब्त किया है।

कैसे हो रहा था काम: इन संस्थाओं का काम करने का तरीका यह है कि वे भारतीय लोगों के जाली दस्तावेजों का उपयोग करते हैं और उन्हें डमी निदेशक बनाते हैं। इन संस्थाओं को चीन के व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित / संचालित किया जाता है। ईडी के मुताबिक यह ध्यान में आया है कि ये संस्थाएं अलग-अलग मर्चेंट आईडी, पेमेंट गेटवे / बैंकों के साथ रखे गए खातों के माध्यम से अपना संदिग्ध / अवैध व्यवसाय कर रही थीं।

किस आधार पर हो रही जांच: ईडी के मुताबिक जांच का यह मामला साइबर अपराध पुलिस स्टेशन, बेंगलुरु द्वारा दर्ज की गई 18 एफआईआर पर आधारित है। यह एफआईआर कई संस्थाओं / व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। इसमें संस्थाओं या व्यक्तियों पर आरोप है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से छोटी राशि का लोन लेने वाले लोगों से जबरन वसूली की जाती है और उनका उत्पीड़न किया जाता है।

ईडी ने बताया कि रेजरपे प्राइवेट लिमिटेड, कैशफ्री पेमेंट्स, पेटीएम पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड और चीनी व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित / संचालित संस्थाओं के परिसरों को तलाशी अभियान में शामिल किया गया है।

 

Scroll to Top