लखनऊ (मानवीय सोच) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के मौके पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य शिक्षक पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं बल्कि एक नई जिम्मेदारी है। इसे पाने वाले शिक्षक की प्रतिस्पर्धा भविष्य में स्वयं से है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने जितना किया है अब उन्हें उससे आगे बढ़ना है और दूसरों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करना है।
उन्होंने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को संभालकर रखें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कल उनकी कार्यपद्धति पर कोई प्रश्नचिह्न खड़ा हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दो साल का सेवा विस्तार, पुरस्कार राशि या परिवहन निगम की बसों में चलने की फ्री सुविधा मिलना बहुत गौढ़ चीजें हैं। महत्वपूर्ण ये है कि उन्होंने अब तक जो किया है, उससे उनकी स्वयं से प्रतिस्पर्धा होगी। अब उनको इससे आगे बढ़कर काम करना है और कुछ नया करके दिखाना है। समाज को कुछ नया देना है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल शिक्षक या सरकारी कर्मचारी नहीं होता। वह राष्ट्र का योजक यानी निर्माता होता है और उसको वह नींव मजबूत करनी होती है। नींव तब मजबूत होती है, जब वह एक-एक को जोड़ता है। वह शिक्षा जगत, समाज या राष्ट्रीय जीवन में जहां भी कुछ नयापन है, उन सबको अपने ढंग से एक दृष्टि देता है। एक छात्र के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने की दिशा में प्रयासरत रहता है। हर शिक्षक कुछ नया कर सकता है। उस दिशा में हमारे द्वारा किया जाने वाला प्रयास बच्चे के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने सभी को बेसिक, माध्यमिक, तकनीकी समेत सभी शिक्षा संस्थानों का आह्वान किया कि वह अपने आपको राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार तैयार करें। शिक्षा केवल सैद्धांतिक न हो, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक व तकनीकी रूप से सक्षम भी बनाए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी के अलावा व्यासायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार, प्रमुख सचिव कौशल विकास और सुभाष चंद्र शर्मा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने राज्य अध्यापक पुरस्कार से इन शिक्षकों का किया सम्मान:
1. बाराबंकी से उच्च प्राथमिक विद्यालय कोपवा सिद्धौर के सहायक अध्यापक दिनेश कुमार वर्मा।
2. मिर्जापुर से प्राथमिक विद्यालय भगेसर, पहाड़ी के प्रधानाध्यापक के रविकांत द्विवेदी।
3. भदोही से उच्च प्राथमिक विद्यालय कोइलरा औराई की सहायक अध्यापक ज्योति कुमार।
4. अयोध्या से प्राथमिक विद्यालय रूखास के प्रधानाध्यापक मनीष देव।
5. आजमगढ़ से प्राथमिक विद्यालय जिवली, ठेकमा के प्रधानाध्यापक सदाशिव तिवारी।
6. हापुड़ से संविलियन विद्यालय राजपुर सिंभावली की सहायक अध्यापक अरूणा कुमारी राजपूत।
7. प्रतापगढ़ से उच्च प्राथमिक विद्यालय मरूआन, बाबा बेलखरनाथ धाम की सहायक अध्यापक रश्मि मिश्रा।
8. आगरा से प्राथमिक विद्यालय नगला पैमा बरौली अहीर के सहायक अध्यापक श्रीकांत कुलश्रेष्ठ।
9. बलरामपुर से उच्च प्राथमिक विद्यालय सहजौरा (कंपोजिट), रेहरा बाजार के सहायक अध्यापक राम हरिजन।
10. गोंडा से कंपोजिट विद्यालय बाबा मठिया वजीरगंज के सहायक अध्यापक सुनील कुमार।
