नई दिल्ली (मानवीय सोच) आयकर विभाग को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की संपत्तियों और खातों की जानकारी इकट्ठा करने के निर्देश देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा है कि हमें इस याचिका पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं लगता. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कानून के तहत उपलब्ध वैकल्पिक उपाय का लाभ उठाने को कहा.
जितेन सिंह विशेन की ओर से पेश विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि आयकर विभाग को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राज्यों और अन्य इकाइयों द्वारा रखी गई संपत्तियों और खातों का विवरण प्राप्त करने/ एकत्र करने का निर्देश दिया जाए. साथ ही कर छूट दिए बिना कर देयता का आकलन करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं.
जनहित याचिका में चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि पार्टियों को ITR दाखिल करने और इसे ECI को जमा करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें और इसकी एक प्रति पार्टी की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाए.
जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसे अदालत में आना चाहिए. पीठ ने विष्णु जैन को दिल्ली हाईकोर्ट से संपर्क करने का सुझाव देते हुए कहा याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध वैकल्पिक उपाय का लाभ उठा सकता है.
