लखनऊ (मानवीय सोच) आगरा के तेल माफिया मनोज गोयल का जीवनी मंडी स्थित होटल ताज-वे बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अग्निशमन विभाग ने बृहस्पतिवार को होटल को निरीक्षण करने के बाद शुक्रवार को कर्मचारी से नोटिस भेजा। होटल कर्मी होटल में ठहरे लोगों से कमरे खाली कराकर ताला लगाने के बाद चले गए।
लखनऊ के होटल में अग्निकांड में चार लोगों की मौत के बाद अफसर चेकिंग अभियान चला रहे हैं। आगरा में 90 होटल बिना आग से सुरक्षा इंतजाम के संचालित होते मिले हैं। इनको नोटिस दिए जा रहे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया कि होटल ताज-वे में टीम गई थी। होटल मनोज गोयल का बताया गया।
चार मंजिला होटल में एक कर्मचारी मिला, फायर एनओसी नहीं दिखा सका। आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले। होटल को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। ऐसा नहीं करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। होटल कर्मी को नोटिस रिसीव करा दिया गया।
ये मिली कमियां
- फायर एक्सटिंग्यूशर : मानक के अनुसार नहीं। हौजरील : मानक के अनुसार नहीं।
- डाउन कमर सिस्टम : नहीं लगा है।
- छत पर टैंक : 25 हजार लीटर की क्षमता का होना चाहिए।
- पंप : छत पर टैंक के लिए 900 एलपीएम क्षमता का होना चाहिए।
- आटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम : जरूरत है।
- आटोमेटिक स्प्रिंकलर एंड फायर अलार्म सिस्टम : जरूरत है।
- मैनुअली ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम : जरूरत है।
- एग्जिट साइनेज : जरूरत है।
- निकासी की आवश्यकताएं : एक अतिरिक्त फायर एस्केप 1.25 मीटर चौड़ाई का निर्माण कराए जाने की आवश्यकता है। ग्लास खुलने वाले होने चाहिए। निकास मार्ग को अवरोध मुक्त रखा जाए।
500 वर्ग मीटर है प्लाट एरिया
नोटिस लेने के लिए फोन पर की थी बात
