मऊ (मानवीय सोच) गैंगस्टर एक्ट के मामले में बांदा जेल में निरुद्ध पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी आज मऊ कोर्ट में हुई। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने गैंगस्टर के मामले में मुख्तार अंसारी समेत चार पर आरोप तय कर दिय। वहीं, इस मामले में गवाही के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
मुख्तार के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराए जाने की मांग की। इस प्रार्थना पत्र को विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार किया। अग्रिम आदेश तक मुख्तार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी करने का आदेश दिया।
मुख्तार को मीडिया से रखा गया दूर
कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस की टीम मुख्तार को लेकर बांदा जेल से मऊ पहुंची। मऊ कचहरी परिसर छावनी में तब्दील रहा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुख्तार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद मुख्तार अंसारी की किसी बात नहीं हो सकी। मीडिया को दूर रखा गया। हालांकि पत्रकारों को देखकर मुख्तार ने हंसते हुए कहा कि बोलने पर पाबंदी है।
पहली बार मऊ कोर्ट में मुख्तार की पेशी
फर्जी हथियार मामले में मुख्तार अंसारी समेत चार लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मऊ के दक्षिण टोला थाने में केस दर्ज किया गया था। बांदा जेल से अभी तक मुख्तार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही पेश किया जाता रहा है। यह पहली बार है जब मुख्तार को जिले में पेश होने के लिए लाया गया। इसके लिए कोर्ट परिसर और आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। कचहरी और आसपास के क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
एक घंटे तक कोर्ट मे रहा मुख्तार अंसारी
गैंगस्टर एक्ट में बांदा जेल से कोर्ट में पेशी पर आया मुख्तार अंसारी एक घंटे तक अदालत परिसर के अंदर रहा। मुख्तार अंसारी को पुलिस कचहरी परिसर लेकर पहुंची। वज्रवाहन से उतरते ही सीधे कोर्ट में लेकर चली गई। मुख्तार अंसारी 11.45 बजे कोर्ट में दाखिल हुआ।
वहां आरोप तय होने और अगली तिथि नियत होने के बाद उसका हस्ताक्षर कराया गया। इस दौरान उसके साथ कोर्ट में तीन अन्य आरोपी भी मौजूद रहे। पूरी कार्यवाही पूरी होने मे एक घंटे का समय लगा। इसके बाद कोर्ट से निकलते ही पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर मुख्तार को वाहन में बैठाया।
